Bukhar Ka Ilaj In Hindi

Bukhar Ka Ilaj
ज्वर या बुखार (Fever) जिसे हम आम बीमारी समझते हैं परंतु हमें यह नहीं पता होता कि सर्दी, खाँसी और बुखार हर बड़ी से बड़ी बीमारी के जड़ होते हैं|
अगर आपको बार-बार बुखार आता है तो यह हीमोग्लोबिन की कमी से होता है और यह बुखार लंबे समय तक चले तो किसी बड़ी बीमारी जैसे; क़ैसर, किडनी संबंधी समस्या, तपेदिक (Tuberculosis) का रूप भी धारण कर लेता है। जैसा कि हम सब जानते हैं कि वाइरल बुखार, टाइयफाइड, मलेरिया, चिकेन गुनिया, डेंगू आदि बुखार के ही रूप हैं जो कभी-कभी जानलेवा भी हो जाते हैं।
यही नहीं काला ज्वर, मस्तिष्क ज्वर तो एक ऐसी बीमारी है जिसका इलाज सही समय पर न हुआ तो लोगों की जान तक जा सकती है। मस्तिष्क ज्वर (Meningitis) एक ऐसी बीमारी है जिसे ठीक होने में कई महीने और कभी-कभी तो साल लग जाते हैं।

बुखार आने के प्रमुख कारणों में से कुछ कारण इस प्रकार हैं

  • वाइरस और बैक्टीरिया का शरीर में आना (Virus and Bacterial attack)
  • बहुत अधिक थकावट या काम के बोझ के कारण (Over workload)
  • मौसम-परिवर्तन (Change of Season)
  • दिमागी-तनाव (Mental stress)
  • हीमोग्लोबिन का कम होना (Deficiency of Hemoglobin)
  • गर्मी में लू के कारण (Sun stroke)
  • मच्छर (Mosquitoes)

Bukhar Ka Ilaj

वैसे तो बुखार का नाम लेते ही हमारे दिमाग में कुछ एलोपैथी दवाइयों के नाम तुरंत आ जाते हैं जिन्हें अकसर हम बुखार में लेते रहते हैं। हमारी सोच ही ऐसी हो गई है कि बुखार बिना एंटीबॉयटिक या पैरासिटामॉल के बिना तो ठीक ही नहीं हो सकता, पर इन दवाइयों का जो बुरा असर हमारे स्वास्थ्य पर होता है, शायद हम उससे अनजान है या तो फिर इन बातों पर ध्यान नहीं देते हैं।
तो आइए इस सोच को बदलते हैं और कुछ ऐसे घरेलू नुस्खों के बारे में जानते हैं जिनको अपनाकर हम शरीर को बिना नुकसान पहुँचाए किसी भी तरह के बुखार से छुटकारा पा सकते हैं। निचे दिये गये घरेलू नुस्खे बुखार उतारने और ठीक करने में सहायक हो सकते हैं। इनके प्रयोग से ना सिर्फ बुखार कम होगा अपितु ये उन्हें दूर करने में भी सहायक शाबित होंगे।

1.गिलोय (Heart-Leaved Moonseed)

किसी भी तरह के बुखार में यदि गिलोय का सेवन किया जाए तो बुखार ठीक हो जाता है। गिलोय की पत्तियों को अच्छी तरह से साफ़ करके इसे पानी में डालकर अच्छी तरह से उबाल लें फिर इस पानी को छान लें और किसी बर्तन में रख दें। इसे दिन में थोड़ा-थोड़ा करके दो से तीन बार लेते रहें, बुखार कम हो जाता है।

2.पुदीना और अदरक (Mint and Ginger)

पुदीना और अदरक का काढ़ा बनाकर पीने से बुखार में आराम मिलता है और शरीर का तापक्रम कम हो जाता है। एक कप पानी में पुदीना की साफ़ की हुई पत्तियाँ और अदरक को डालकर अच्छी तरह उबाल लें, फिर इसे थोड़ा गरम-गरम चाय की तरह पी जाएँ।

3.काली मिर्च और तुलसी (Black Pepper and Tulasi)

तेज़ बुखार में काली मिर्च और तुलसी का काढ़ा बहुत ही फायदेमंद होता है। एक कप पानी में इन दोनों को कूटकर मिला दें। इसे तब तक उबाले जब तक पानी आधा कप न हो जाए, गरम-गरम ही मरीज को दें, मलेरिया और वाइरल बुखार में बहुत आराम मिलता है।

4.सेब का सिरका (Apple Vinegar)

बुखार होने पर पानी में दो या तीन चम्मच सेब का सिरका मिला लें और इस पानी में पट्टी डुबोकर माथे पर और पैर में तलवे पर लगाने से जल्द ही शरीर का तापक्रम कम हो जाता है।

5. कच्चा आम (Raw Mango)

यदि गर्मी में लू लगने की वजह से बुखार हुआ हो तो कच्चा आम को उबालकर उसका शरबत बनाकर पीने से या आम के गूदा (Pulp) को शरीर पर लगाने से लू का असर कम हो जाता है| आप चाहे तो आम को आग पर भून भी सकते हैं। लू लगने के कारण होने वाले बुखार के लिए यह उत्तम इलाज माना जाता है।

6.पपीते का पत्ता (Papaya Leaf)

चिकेन गुनिया या डेंगू जैसे बुखार में पपीते के पत्तों को अच्छी तरह से साफ़ करके उसका रस निकालकर दिन में दो या तीन बार पीने से बुखार कम हो जाता है और बैक्टीरिया के प्रभाव को भी समाप्त करने में सहायक होता है।

7. मेथी का पानी (Fenugreek Water)

वाइरल बुखार में मेथी का पानी बहुत ही लाभकारी होता है| एक चम्मच मेथी के दाने को किसे लकड़ी या काँच के बर्तन में भिंगो दे। रात भर भिंगने दे फिर सुबह से दिन में तीन-चार बार लें, शरीर का तापक्रम कम हो जाता है और तीन से चार दिन तक नियमित सेवन से बुखार भी ठीक हो जाता है।

8.भूना नमक (Roasted Salt)

सुनकर आश्चर्य होगा पर जी हाँ, साधारण नामक जिसका इस्तेमाल हम अपने भोजन में करते हैं, वह बुखार से बड़ी आसानी से छुटकारा दिला देता है। नमक को तवे पर रखकर हल्की आँच पर तब तक भूने जब तक उसका रंग काला नहीं पड़ जाता| इसके बाद इस नमक को काँच या प्लास्टिक के किसी बर्तन में रख दे| एक गिलास गुनगुने पानी में एक छोटा चम्मच नमक मिला दें और इसे दिन में दो-तीन बार पीते रहे। बहुत जल्द ही बुखार कम हो जाता है।

9.चिरायता

चिरायता किसी भी आयुर्वेद औषधि की दुकान पर आसानी से मिल जाता है।यह एक छोटा-सा पौधा होता है जो कड़वा होता है और इसका प्रयोग आयुर्वेद में किया जाता है। कुछ लोगों को हल्का-हल्का बुखार हर समय रहता है यदि चिरायता का पानी नियमित रूप से लिया जाए तो वह बुखार को जड़ से समाप्त कर देता है। इसे रात में पानी में भिंगोकर रख दें और सुबह खाली पेट इस पानी को पानी को पीने पर दो या तीन दिन बाद ही आपको आराम महसूस होने लगेगा।

10.चंदन (Sandal)

तेज़ बुखार में चंदन का पेस्ट बनाकर इस लेप को माथे पर लगाकर थोड़ी देर रखें| हर तीन घंटे के बाद ठंडे पानी से पोंछकर इसे लगाते रहें। कुछ ही घंटों में शरीर के तापक्रम में गिरावट आने लगती है।

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